गीतायाः श्लोकपाठेन गोविन्दस्मृतिकीर्तनात् । साधुदर्शनमात्रेण, तीर्थकोटिः फलम् लभेत् ।।
श्रीमद्भगवद्गीता के विषय में जानने योग्य विचार
गीता मे हृदयं पार्थ गीता मे सारमुत्तमम् । गीता मे ज्ञानमत्युग्रं गीता मे ज्ञानमव्ययम् ।।
गीता मे चोत्तमं स्थानं गीता मे परमं पदम् । गीता मे परमं गुह्यं गीता मे परमो गुरुः ।।
#भगवद्गीता_अदभुत_ग्रंथ
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