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Tuesday, 18 October 2016

तुम्हारी खुद की निष्ठा

कल शाम पूज्य गुरुदेव की कृपा से उच्चकोटि के संत के दर्शन सान्निध्य का लाभ मिला। सत्संग हुआ। सभी अपनी जिज्ञासा व्यक्त कर रहे थे। हमसे भी अपनी जिज्ञासा व्यक्त करने को कहा गया। हमने पूछा कि ईश्वर कृपा या गुरु कृपा तो सबके ऊपर होती है पर किसी-किसी के ऊपर जो "विशेष कृपा" होती है उसका क्या कारण होता है?

संत मुस्कुराये और बोले, इसका कारण है - "तुम्हारी खुद की निष्ठा"। गुरु के प्रति जिसकी जितनी "निष्ठा" उतना ही वह "गुरुकृपा" का अधिकारी। किसी भी परिस्थिति में कोई भी गुरु के प्रति शिष्...य की निष्ठा को हिला ना सके शिष्य को ऐसा होना चाहिये।"

आज ही हमें आनंदमूर्ति गुरुमाँ का यह VIDEO मिला, जिसमें उन्होने भी यही बात कही है।