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Wednesday, 30 January 2019

षटतिला एकादशी - 31 जनवरी 2019

युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से पूछा: भगवन् ! माघ मास के कृष्णपक्ष में कौन सी एकादशी होती है? उसके लिए कैसी विधि है तथा उसका फल क्या है ? कृपा करके ये सब बातें हमें बताइये ।

श्रीभगवान बोले: नृपश्रेष्ठ ! माघ (गुजरात महाराष्ट्र के अनुसार पौष) मास के कृष्णपक्ष की एकादशी ‘षटतिला’ के नाम से विख्यात है, जो सब पापों का नाश करनेवाली है । मुनिश्रेष्ठ पुलस्त्य ने इसकी जो पापहारिणी कथा दाल्भ्य से कही थी, उसे सुनो ।

दाल्भ्य ने पूछा: ब्रह्मन्! मृत्युलोक में आये हुए प्राणी प्राय: पापकर्म करते रहते हैं । उन्हें नरक में न जाना पड़े इसके लिए कौन सा उपाय है? बताने की कृपा करें ।

पुलस्त्यजी बोले: महाभाग ! माघ मास आने पर मनुष्य को चाहिए कि वह नहा धोकर पवित्र हो इन्द्रियसंयम रखते हुए काम, क्रोध, अहंकार ,लोभ और चुगली आदि बुराइयों को त्याग दे । देवाधिदेव भगवान का स्मरण करके जल से पैर धोकर भूमि पर पड़े हुए गोबर का संग्रह करे । उसमें तिल और कपास मिलाकर एक सौ आठ पिंडिकाएँ बनाये । फिर माघ में जब आर्द्रा या मूल नक्षत्र आये, तब कृष्णपक्ष की एकादशी करने के लिए नियम ग्रहण करें । भली भाँति स्नान करके पवित्र हो शुद्ध भाव से देवाधिदेव श्रीविष्णु की पूजा करें । कोई भूल हो जाने पर श्रीकृष्ण का नामोच्चारण करें । रात को जागरण और होम करें । चन्दन, अरगजा, कपूर, नैवेघ आदि सामग्री से शंख, चक्र और गदा धारण करनेवाले देवदेवेश्वर श्रीहरि की पूजा करें । तत्पश्चात् भगवान का स्मरण करके बारंबार श्रीकृष्ण नाम का उच्चारण करते हुए कुम्हड़े, नारियल अथवा बिजौरे के फल से भगवान को विधिपूर्वक पूजकर अर्ध्य दें । अन्य सब सामग्रियों के अभाव में सौ सुपारियों के द्वारा भी पूजन और अर्ध्यदान किया जा सकता है । अर्ध्य का मंत्र इस प्रकार है:


कृष्ण कृष्ण कृपालुस्त्वमगतीनां गतिर्भव ।
संसारार्णवमग्नानां प्रसीद पुरुषोत्तम ॥
नमस्ते पुण्डरीकाक्ष नमस्ते विश्वभावन ।
सुब्रह्मण्य नमस्तेSस्तु महापुरुष पूर्वज ॥
गृहाणार्ध्यं मया दत्तं लक्ष्म्या सह जगत्पते ।

‘सच्चिदानन्दस्वरुप श्रीकृष्ण ! आप बड़े दयालु हैं । हम आश्रयहीन जीवों के आप आश्रयदाता होइये । हम संसार समुद्र में डूब रहे हैं, आप हम पर प्रसन्न होइये । कमलनयन ! विश्वभावन ! सुब्रह्मण्य ! महापुरुष ! सबके पूर्वज ! आपको नमस्कार है ! जगत्पते ! मेरा दिया हुआ अर्ध्य आप लक्ष्मीजी के साथ स्वीकार करें ।’

तत्पश्चात् ब्राह्मण की पूजा करें । उसे जल का घड़ा, छाता, जूता और वस्त्र दान करें । दान करते समय ऐसा कहें : ‘इस दान के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण मुझ पर प्रसन्न हों ।’ अपनी शक्ति के अनुसार श्रेष्ठ ब्राह्मण को काली गौ का दान करें । द्विजश्रेष्ठ ! विद्वान पुरुष को चाहिए कि वह तिल से भरा हुआ पात्र भी दान करे । उन तिलों के बोने पर उनसे जितनी शाखाएँ पैदा हो सकती हैं, उतने हजार वर्षों तक वह स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित होता है । तिल से स्नान होम करे, तिल का उबटन लगाये, तिल मिलाया हुआ जल पीये, तिल का दान करे और तिल को भोजन के काम में ले ।’

इस प्रकार हे नृपश्रेष्ठ ! छ: कामों में तिल का उपयोग करने के कारण यह एकादशी ‘षटतिला’ कहलाती है, जो सब पापों का नाश करनेवाली है ।

Wednesday, 20 June 2018

16 जून - सत्संग ब्रह्मपुरी आश्रम ऋषिकेश-उत्तराखण्ड

श्रीसतीश भाईजी द्वारा संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, ब्रह्मपुरी ऋषिकेश में सत्संग का एक सत्र दिया गया। लगभग 5 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद ऋषिकेश आश्रम पहुँचने के लिये सभी बेताब थे परन्तु ट्रैफिक जाम की वजह से कोई 6 घण्टे में ब्रह्मपुरी पहुँचा तो कोई 3 घण्टे में। कुछ लोग तो वाहन ना मिलने की वजह से मायूस होकर वापिस घर चले गये। रात 8 बजे सत्संग शुरू हुआ जो लगभग 10.30 बजे तक चला। माँ गंगा की गोद में बसे इस आश्रम में पूज्य गुरुदेव की याद में भक्त ऐसे डूबे कि उन्हें समय का होश ही नहीं रहा। श्री सतीश भाईजी के ध्यान व कीर्तन ने भक्तों को रसमय कर दिया।










Saturday, 9 June 2018

सेवा साधना जप अनुष्ठान शिविर - 7 से 10 जून 2018

सेवा साधना जप अनुष्ठान शिविर - 7 से 10 जून 2018

युगों-युगों से #संतों_के_खिलाफ_षडयंत्र होते आ रहे हैं परन्तु आश्चर्य है कि संत श्री आशारामजी बापू  जैसे संतों के दैवीकार्य फिर भी निर्बाध रूप से चल रहे हैं।

Press release of Sant Shri Asharam Ji Bapu Ashram Haridwar Shivir:


Friday, 8 June 2018

सेवा_साधना_जप_अनुष्ठान_शिविर - 7 से 10 जून 2018


संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में श्री सतीश भाईजी के सान्निध्य में चल रहे चार दिवसीय शिविर की कुछ झलकियाँ।  पहले दिन भाईजी ने जैसे ही पूज्य बापूजी द्वारा प्रज्ज्वलित ज्योत लेकर आश्रम में प्रवेश किया पूरा आश्रम गुरुदेव के जयकारों से गूँज उठा। इसके पश्चात दोनों सत्रों में सत्संग व कीर्तन हुआ। दूसरे दिन सुबह-सुबह भाईजी द्वारा अष्टांग योग पर प्रकाश डाला गया व सूर्यनमस्कार आदि आसन तो कराये ही गये, साथ ही गहन ध्यान भी कराया गया। 











Tuesday, 5 June 2018

Asharam Bapu Ji Selfless Services

Sometimes #FactsOfIndianJudiciary does not match with the reality. Judiciary convicted Asharam Bapu Ji but HIS selfless services still enhancing the lives of many people. 

HIS Ashram Haridwar is a vivid example of this.

Go through the press release:


Saturday, 2 June 2018

Press Release - Jap Anushthan Shivir

#VishwaGuruBharatSankalp of Sant Shri Asharamji Bapu is very constructive & beneficial for the society. His teachings giving the right direction to the people and making their lives peaceful too.

महिला उत्थान मंडल अहमदाबाद द्वारा आश्रम हरिद्वार में आयोजित सात दिवसीय "जप अनुष्ठान शिविर" की प्रैस रिलीज़👇



Thursday, 31 May 2018

23 से 29 मई - "चलें स्व की ओर" - प्रभातफेरी

23 से 29 मई - "चलें स्व की ओर"

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में साध्वी रेखा बहन के सान्निध्य में सात दिवसीय "चलें स्व की ओर" शिविर का समापन। अन्तिम दिन पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा पर प्रभातफेरी में भक्तों की भारी भीड़ देखकर सभी चकित रह गए।

This pure love & strong faith of devotees, for their Pujya Gurudev shows that Asharam Bapuji is framed in a fake case.










Sunday, 27 May 2018

23 से 29 मई - "चलें स्व की ओर" - Press Release

Mahila Utthan Mandal द्वारा आयोजित महिला शिविर "चलें स्व की ओर" में उमड़ी भक्तजनों की भीड़ से संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार हुआ पुलकित।

@MUMHrd आध्यात्मिक, मानसिक व शारीरिक उन्नति का महिलाओं को मिला अनमोल अवसर।

Saturday, 26 May 2018

चलें स्व की ओर @ आश्रम हरिद्वार

23 से 29 मई - "चलें स्व की ओर"

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में साध्वी रेखा दीदी के सान्निध्य में महिला उत्थान मण्डल द्वारा आयोजित "जप अनुष्ठान शिविर" के तीसरे व चौथे दिन की कुछ झलकें:-