Showing posts with label Uttarakhand. Show all posts
Showing posts with label Uttarakhand. Show all posts

Sunday, 21 February 2021

A Siddha Yogini - End of ERA

आजीवन ब्रह्मचारिणी परंतु ऐसी मां जिसके सभी बच्चे। सिद्ध योगीनी मगर सभी के लिये हृदय में अथाह प्रेम। जो एक बार आ जाता, बस उनका ही हो जाता। तपोवनी संत सुभद्रा मां कहा करती थीं, "मैंने जीवन पर्यन्त नारायण से कुछ नहीं मांगा। मैं मांगना जानता ही नहीं।" बांटने की उनकी कोई सीमा नहीं थी। सदैव भंडार भरे ही रहते थे।


कभी-कभार किसी युग में ऐसे विरले उच्चकोटि के संत धरा पर अवतरित होते हैं और महाप्रयाण से उसे रीता कर जाते हैं।


Tapovani Maa, lifelong Brahmcharini yet caring and compassionate mother to all. A Siddha Yogini but down-to-earth. The end of an ERA.


Must Watch:

Thursday, 11 February 2021

Press Release - Tapovani Mata Ji

 "तरूवर, सरोवर, संतजन चौथा बरसे मेह,

परमार्थ के कारणे, चारों धरिया देह।"


अपने आदर्श जीवन से समाज को कृतार्थ करने वाली "तपोवनी मां" से एक बार हमने पूछा, "मां आपको तपोवन में किस-किस सिद्ध के दर्शन हुए?" हंसते हुए बोलीं, "अरे, मैं तो स्वयं ही सिद्ध हूं। मैं किसके दर्शन करूं? और शांत होकर बैठ गईं।"


धन्य है यह भारत भूमि जो सदैव पूज्य चरणों से भूषित होती रहती है।


Subscribe Our YouTube Channel: 

http://www.youtube.com/ReportingDuoOfficial


Facebook Page: http://www.facebook.com/ReportingDuo


Twitter ID : http://www.twitter.com/@ReportingDuo




Maa Dhari Devi Ji - Uttarakhand

उत्तराखंड में सात फरवरी को मां धारी देवी ने बरसाई कृपा। उस दिन हमने सुबह लगभग 11:30 बजे मंदिर के अंदर दर्शनों के लिए प्रवेश किया, पौने बारह बजे अनाउंसमेंट सुनाई दिया कि चमोली में ग्लेशियर फट गया है और पानी बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, सभी लोग जल्दी से जल्दी मंदिर खाली कर दें। उस समय मंदिर के अंदर मां की डोली को सजाकर, पूजन-अर्चन के बाद कंधों पर उठाकर दूसरे गांव ले जाने की तैयारी थी। जैसे ही घोषणा हुई और लोगों ने डोली को कंधे पर उठाना चाहा तो आश्चर्य डोली का वजन इतना ज्यादा हो गया कि डोली हिलाई भी ना जा सकी। थोड़ी ही देर बाद माता की डोली को आराम से कंधों पर उठा लिया गया और रात दस बजे जब पानी मंदिर तक पहुंचा तो उसका स्तर काफी कम हो चुका था। मां धारी देवी मंदिर, बद्रीनाथ मार्ग पर श्रीनगर व रूद्रप्रयाग के बीच में स्थित है।


जानने योग्य बात यह है कि मां धारी देवी का प्राचीन मंदिर अलकनंदा नदी के किनारे पर स्थित था परंतु डैम बनाने के लिये मंदिर को वहां से हटा दिया गया था। उत्तराखंड के निवासियों का मानना है कि 2013 में आई केदारनाथ आपदा मां के कोप का ही परिणाम थी। आपदा के बाद सरकार ने भी अपनी भूल को स्वीकार करते हुए, जिस जगह पर माता का प्राचीन मंदिर था, उसी जगह पर फिर से मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। आज यह जगह अलकनंदा के बीच में पड़ती है। भारतीय संस्कृति को हमारा शत्-शत् प्रणाम है, जहां भक्तों की आस्था और श्रद्धा ईश्वरीय शक्तियों को भी अपने प्रेम में बांध लेती है।


Subscribe Our YouTube Channel: 

http://www.youtube.com/ReportingDuoOfficial


Facebook Page: http://www.facebook.com/ReportingDuo


Twitter ID : http://www.twitter.com/@ReportingDuo




















Sunday, 23 February 2020

Press Release - 14th Feb - Parents Worship Day

@MomentsIndia here starts the #CountdownToParentsWorshipDay.

We all should know what does the findings of Dr. Soo Kim, surgeon & clinical assistant professor at America's "University of Pennsylvania" show?

माता-पिता के पूजन का अच्छी पढ़ाई के साथ है गहरा सम्बन्ध! मातृ_पितृ_पूजन_दिवस पर सुरभि सलोनी मासिक पत्रिका व संस्कार निर्माण साप्ताहिक के सुंदर लेख।



Monday, 17 June 2019

Press Release - Nirjala Ekadashi Sewa at Haridwar

"Like Father, Like Children"
The followers consider their Master, Sant Shri Asharam Bapuji, as their Ultimate Father and follow HIS teachings whole-heartedly.

#OurFather_OurPride
#HappyFathersDay2019


बापूजी के साधकों का समाज सेवा में एक और योगदान। निर्जला एकादशी पर भीषण गर्मी में लगाया दूध व पलाश शरबत का प्याऊ।
@Satish_Bapji Media coverage of Haridwar Nirjala Ekadashi Sewa. Must read 👇









Thursday, 13 June 2019

Satish Baapji Satsang at AshramHaridwar

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में श्रीसतीश भाईजी द्वारा तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के तीसरे व अंतिम दिन, गंगा दशहरे के पावन अवसर पर भक्तों की भीड़ उमड़ आयी। हवन, सत्संग व ऋषि प्रसाद सम्मेलन में नये सदस्य बनाने के लिये साधकों ने रसीद बुक्स प्राप्त कीं और बच्चियों ने बहुत सुन्दर लघु नाटिका की प्रस्तुति दी।










Tuesday, 11 June 2019

Satish Baapji Satsang - AshramHaridwar

"जिन सद्गुरु की पूजा कियो, तिन और की पूजा कियो ना कियो" @Satish_Bapji

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में श्रीसतीश भाईजी के सान्निध्य में जप अनुष्ठान शिविर व सत्संग के पहले दिन पधारे, दैनिक भास्कर अखबार के ब्यूरो चीफ (उत्तराखंड), श्री सुशील बडोलाजी। भक्तों की भीड़ देखकर हुए प्रसन्न।





Monday, 25 February 2019

Haridwar Press Release - "Parents Worship Day"

The "Grand Finale" was on 14th February but people are still celebrating #ParentsWorshipDay.

A fiesta given by great Hindu Sant Shri Asharam Bapu Ji but till date facing wrong punishment due to #RiseInFakeRapeCases in India.


हरिद्वार, उत्तराखण्ड में "मातृ-पितृ पूजन दिवस" की प्रेस रिलीज 👇


Wednesday, 20 June 2018

16 जून - सत्संग ब्रह्मपुरी आश्रम ऋषिकेश-उत्तराखण्ड

श्रीसतीश भाईजी द्वारा संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, ब्रह्मपुरी ऋषिकेश में सत्संग का एक सत्र दिया गया। लगभग 5 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद ऋषिकेश आश्रम पहुँचने के लिये सभी बेताब थे परन्तु ट्रैफिक जाम की वजह से कोई 6 घण्टे में ब्रह्मपुरी पहुँचा तो कोई 3 घण्टे में। कुछ लोग तो वाहन ना मिलने की वजह से मायूस होकर वापिस घर चले गये। रात 8 बजे सत्संग शुरू हुआ जो लगभग 10.30 बजे तक चला। माँ गंगा की गोद में बसे इस आश्रम में पूज्य गुरुदेव की याद में भक्त ऐसे डूबे कि उन्हें समय का होश ही नहीं रहा। श्री सतीश भाईजी के ध्यान व कीर्तन ने भक्तों को रसमय कर दिया।