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Tuesday, 17 September 2019

श्राद्ध पक्ष -13 से 28 सितंबर 2019

पितृ अमावस्या - 28 सितंबर

श्राद्धों में अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध करने के साथ ही साथ श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। यह पाठ पितरों की सद्गति व आगे का मार्ग प्रशस्त करने में तो सहायक है ही, घर में यदि पितृदोष है तो उसे भी दूर करता है। इस अध्याय का पाठ पूरे वर्ष में कभी भी अथवा प्रतिदिन भी कर सकते हैं। संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार की प्रस्तुति- पहली बार संस्कृत में श्रीमद् भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ 👇

Monday, 16 September 2019

श्राद्ध (पितृपक्ष) Shradh (Pitru Paksha) - 13 से 28 सितंबर

जो श्रद्धा से दिया जाये उसे "श्राद्ध" कहते हैं। श्रद्धा और मंत्र के मेल से की जाने वाली विधि श्राद्ध कहलाती है। जीवात्मा का अगला जीवन पिछले संस्कारों से बनता है, अतः श्राद्ध करके यह भावना की जाती है कि उसका अगला जीवन अच्छा हो। जिन पितरों के प्रति हम कृतज्ञता पूर्वक श्राद्ध करते हैं वह हमारी सहायता अवश्य करते हैं।

"Shraddh" is a sanskrit word which refers to anything that is done with utmost sincerity and faith. In Hindu Religion, people pay homage to their ancestors during "Shraddh".

Conceptually, this is a time period when we feel heartfelt gratitude for our deceased parents, forefathers and pray for them so that they can stay in peace. Poojas are performed and food is offered to priestly Brahmans.

"श्राद्ध" कैसे करें? किस ब्राह्मण को दें निमंत्रण? कौन से मंत्र से करें पितरों की तृप्ति? विस्तार पूर्वक जानने के लिये लिंक पर क्लिक करें 👇
            https://youtu.be/S1nw4X39mzI


Tuesday, 19 September 2017

Samuhik Shradh at AsharmHaridwar

19 सितम्बर - सर्वपित्री दर्श अमावस्या

पूज्य संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में "सामूहिक श्राद्ध" के अवसर पर श्रद्धालुओं ने किया तर्पण व पिण्डदान।