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Thursday, 4 May 2017

Milk and Sharbat Distribution on Akshay Tritiya ( अक्षय तृतीया ) at Har Ki Pauri ( Haridwar)

"हिन्दू संतों ने दिये ऐसे संस्कार,विश्व का हो रहा बेड़ा पार।
पर षड्यन्त्र हैं रोज तैयार,सन्त हो रहे उनका शिकार।।"


"बहुजन हिताय बहुजन सुखाय" पर विश्वास करने वाली भारतीय संस्कृति के संस्कारों का लाभ तो पूरा विश्व ले रहा है मगर यह भी उतना ही सत्य है कि इस संस्कृति की जड़ें खोदने वाले अपने कुकृत्यों से बाज़ नहीं आ रहे। उनका हाल तो ऐसा है कि पेड़ की जिस डाली पर बैठे हैं उसी को काटने में लगे हैं। पराकाष्ठा है मूर्खता की। पूज्य बापूजी कहते हैं, "कुल्हाड़ी जिस पेड़ को काटती है वह उसी पेड़ से बनती है।" जिन हिन्दू संतों की देनी का कोई हिसाब नहीं है उन्हीं पर इतना जुल्म! कैसी विडम्बना है?

Sunday, 30 April 2017

Akshaya Tritiya - Seva at Haridwar

28 अप्रैल - अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर कल हरिद्वार में हर की पौड़ी व अन्य स्थानों पर साध्वी रेखा दीदी तथा साधकों द्वारा दूध और शर्बत का वितरण किया गया। पूज्य संतश्री आशाराम जी बापू के साधक समाज रूपी देवता की सेवा का अवसर ढूंढ ही लेते हैं। साथ ही इस अवसर पर साधकों द्वारा श्रीआशारामायण का पाठ भी किया गया।












Friday, 28 April 2017

Akshaya Tritiya - अक्षय फलदायी - अक्षय तृतीया

अक्षय फलदायी "अक्षय तृतीया" - 
28 अप्रैल (सुबह 10.29 से 29 अप्रैल सुबह 6.55 तक)।

अक्षय तृतीया के दिन स्नान, होम, जप, दान आदि का अनंत फल है, इसलिए भारतीय संस्कृति में इसका बड़ा महत्व है। माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही पीतांबरा, नर-नारायण, हयग्रीव और परशुराम के अवतार हुए हैं, इसीलिए इस दिन इनकी जयंती भी मनाई जाती हैे। इसके अतिरिक्त इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल होता है। अक्षय यानी जिसका कभी क्षय न हो या जो कभी नष्ट न हो। वैसे तो सभी बारह महीनों की शुक्ल पक्षीय तृतीया शुभ होती है किंतु वैशाख मास की यह तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में मानी गई है।