Showing posts with label Happy Deepavali. Show all posts
Showing posts with label Happy Deepavali. Show all posts

Thursday, 11 February 2021

New Year - Shubh Darshan

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार से नूतन वर्ष के शुभ व मंगलमय दर्शन। नये वर्ष के दिन शुभ दर्शन करके हम सभी वर्षभर आनंद और मंगल मनायें, ऐसी कामना है।

Subscribe Our YouTube Channel: 

http://www.youtube.com/ashramharidwarofficial


Facebook Page: http://www.facebook.com/AshramHaridwar

Diwali - 14 November

 शुभ दीपावली - 14 नवंबर

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। दीपों का यह उत्सव आप सभी के लिये मंगलमय हो।


"दीपावली" की रात कुबेर देव ने मां लक्ष्मी की आराधना की थी, जिस कारण वह धनाढ्यों के भी धनाढ्य कुबेर भंडारी कहलाते हैं। ऐसा इस रात्रि के जप का महत्व है। रात्रि को दिया जगाकर यथाशक्ति इस मंत्र का जप करें:

"ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा"।


यदि इस नश्वर संसार में किसी भी वस्तु की कामना नहीं है और केवल ईश्वर की प्रसन्नता ही चाहते हैं तो अधिक से अधिक अपने गुरु मंत्र का जप करें।


Subscribe Our YouTube Channel :


Facebook Page: http://www.facebook.com/ReportingDuo


Twitter ID : http://www.twitter.com/@ReportingDuo


DHANTERAS -13th November 2020

Dhanteras Puja Muhurta - 5.25 to 5.59pm

As per Hindu tradition 'Dhanteras' is considered extremely auspicious day for making new purchases, especially of gold or silver articles and new utensils. It is considered as a sign of good luck. Hindus worship Maa Lakshmi with Ganesh ji, in the evening and clay lamps are lit.


Hindus worship Lord Dhanvantari also, the God of Ayurveda on the day of Dhanteras. It is said that Lord Dhanvantari imparted the wisdom of Ayurveda for the betterment of mankind and to help rid it of the suffering diseases. The Indian Ministry of Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha and Homeopathy announced its decision to observe Dhanteras as the "National Ayurveda Day" which was first observed on 28th October 2016.


धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन तो किया ही जाता है, साथ ही आरोग्यता के लिए भगवान धन्वंतरि का पूजन भी करते हैं। इस दिन लोग सोना व चांदी खरीदते हैं। चांदी के सिक्के, बर्तन, गहने आदि खरीदना शुभ माना जाता है जिससे घर में समृद्धि बनी रहे परंतु ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन लोहे से बनी वस्तुएं, कांच का सामान व काले रंग की वस्तुओं को खरीदना अशुभ होता है।


Subscribe Our YouTube Channel :


Facebook Page: http://www.facebook.com/ReportingDuo


Twitter ID : http://www.twitter.com/@ReportingDuo


Monday, 21 October 2019

25 से 27 अक्टूबर - धनतेरस से दीपावली

हर व्यक्ति जीवन में धनवान होना चाहता है। अब धन यदि भौतिक के साथ-साथ आध्यात्मिक भी हो तो कहना ही क्या! 

पूज्य संतश्री आशारामजी बापू द्वारा "धनतेरस से दीपावली" तक बताई गई, भौतिक व आध्यात्मिक खजाने को बढाने वाली साधना यदि आपने नहीं की तो किया क्या?

धनवान होने की तीन दिवसीय सरल साधना जानने के लिये लिंक पर क्लिक करें 👇

Subscribe Our YouTube Channel :

Facebook Page:

Twitter ID :


Tuesday, 6 November 2018

7 नवम्बर - शुभ दीपावली - Happy Diwali

7 नवम्बर - शुभ दीपावली


परम पूज्य संतश्री आशारामजी बापू बताते हैं कि दीपावली की रात्रि में किया गया जप-तप, ध्यान-भजन अनंत गुना फलदायक होता है। दीपावली के दिन लक्ष्मीजी क्षीरसागर से प्रकट हुईं थीं अत: दीपावली लक्ष्मीजी का प्राकट्य दिवस भी है। बापूजी लक्ष्मीप्राप्ति हेतु दीपावली से भाईदूज तक तीन दिन की बहुत ही सरल साधना भक्तों को बताते हैं जिससे कि दरिद्रता का विनाश व आजीविका का उचित निर्वाह हो सके।

लक्ष्मीप्राप्ति हेतु साधना:-
दीपावली के दिन से तीन दिन तक अर्थात् भाईदूज तक एक स्वच्छ कमरे में दीपक एवं धूपबत्ती जलाकर (सम्भव हो तो गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती), पीले वस्त्र पहनकर पश्चिम की तरफ मुँह करके बैठें। ललाट पर केसर का तिलक तथा स्फटिक मनकों से बनी माला द्वारा नित्य प्रात:काल निम्न मंत्र की दो मालायेँ जपें:-

"ॐ नमो भाग्यलक्ष्म्यै च विद्महे, 
अष्टलक्ष्म्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात् ॥"

तेल का दीपक व धूपबत्ती लक्ष्मीजी की बायीं ओर घी का दीपक दायीं ओर तथा नैवेध्य आगे रखा जाता है। लक्ष्मीजी को तुलसी व मदार या धतूरे का फूल नहीं चढ़ाना चाहिये इससे हानि होती है। घर में लक्ष्मीजी के वास, दरिद्रता के विनाश और आजीविका के उचित निर्वाह हेतु यह साधना करने वाले पर लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं।

पूज्य बापुजी तथा आश्रमों द्वारा हर साल दीपावली के पावन पर्व पर पिछड़े हुए, गरीब आदिवासी क्षेत्रों में भंडारों का आयोजन किया जाता है। दरिद्र नारायण के बीच दीवाली मनाकर पूज्य बापूजी का हृदय अत्यंत प्रसन्न होता है। आईये देखते हैं कुछ झलकियाँ:-

Saturday, 21 October 2017

Selfless Service by Sadhaks in Haridwar

हरिद्वार की गरीब व पिछड़ी बस्ती बैरागी कैम्प में संतश्री आशारामजी बापू के साधकों द्वारा, दिवाली के निमित्त फल, मिठाई, खील-बताशे,फुलझडी़, मोमबत्ती, साबुन, किताबें, वस्त्र व दक्षिणा तो बांटे ही गये साथ में सबने मिलकर भगवन्नाम जप भी किया।






Friday, 20 October 2017

Press Release - Versatile Development of the students

Bal Sanskar Sewa द्वारा 19 से 25 अक्टूबर 2017 
"दीपावली विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर" का आयोजन @ 
परम पूज्य संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, अहमदाबाद