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Thursday, 11 February 2021

New Year - Shubh Darshan

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार से नूतन वर्ष के शुभ व मंगलमय दर्शन। नये वर्ष के दिन शुभ दर्शन करके हम सभी वर्षभर आनंद और मंगल मनायें, ऐसी कामना है।

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Diwali - 14 November

 शुभ दीपावली - 14 नवंबर

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। दीपों का यह उत्सव आप सभी के लिये मंगलमय हो।


"दीपावली" की रात कुबेर देव ने मां लक्ष्मी की आराधना की थी, जिस कारण वह धनाढ्यों के भी धनाढ्य कुबेर भंडारी कहलाते हैं। ऐसा इस रात्रि के जप का महत्व है। रात्रि को दिया जगाकर यथाशक्ति इस मंत्र का जप करें:

"ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा"।


यदि इस नश्वर संसार में किसी भी वस्तु की कामना नहीं है और केवल ईश्वर की प्रसन्नता ही चाहते हैं तो अधिक से अधिक अपने गुरु मंत्र का जप करें।


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DHANTERAS -13th November 2020

Dhanteras Puja Muhurta - 5.25 to 5.59pm

As per Hindu tradition 'Dhanteras' is considered extremely auspicious day for making new purchases, especially of gold or silver articles and new utensils. It is considered as a sign of good luck. Hindus worship Maa Lakshmi with Ganesh ji, in the evening and clay lamps are lit.


Hindus worship Lord Dhanvantari also, the God of Ayurveda on the day of Dhanteras. It is said that Lord Dhanvantari imparted the wisdom of Ayurveda for the betterment of mankind and to help rid it of the suffering diseases. The Indian Ministry of Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha and Homeopathy announced its decision to observe Dhanteras as the "National Ayurveda Day" which was first observed on 28th October 2016.


धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन तो किया ही जाता है, साथ ही आरोग्यता के लिए भगवान धन्वंतरि का पूजन भी करते हैं। इस दिन लोग सोना व चांदी खरीदते हैं। चांदी के सिक्के, बर्तन, गहने आदि खरीदना शुभ माना जाता है जिससे घर में समृद्धि बनी रहे परंतु ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन लोहे से बनी वस्तुएं, कांच का सामान व काले रंग की वस्तुओं को खरीदना अशुभ होता है।


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Tuesday, 29 October 2019

Press Release-Selfless Service-Diwali

दीपावली के अवसर पर संतश्री आशारामजी बापू आश्रमों द्वारा देश के अनेक गरीब व पिछड़े क्षेत्रों में भंडारों का आयोजन किया जाता है। हरिपुर कलाँ स्थित, आश्रम हरिद्वार में भी हुआ भंडारे का आयोजन। लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थापित सपेरा बस्ती के अभावग्रस्त लोगों ने लिया लाभ। मीडिया कवरेज 👇




Friday, 25 October 2019

Dhanteras - धनतेरस - 25 अक्टूबर

आज संतश्री आशारामजी बापू आश्रम हरिद्वार, में धनतेरस के शुभ अवसर पर गरीब व पिछड़ी सपेरा बस्ती के बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के लिये दिवाली के निमित्त भण्डारे का आयोजन किया गया।

हरिद्वार आश्रम से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस बस्ती में पूज्य गुरुदेव भी सन् 2009 में पधारे थे व पानी की कमी से त्रस्त बस्ती वालों के अनुरोध पर, बस्ती में हैंडपंप लगवाया था। आज वीडियो सत्संग व भजन-कीर्तन के पश्चात् भोजन प्रसादी तथा दीवाली की सामग्री के साथ ही सभी को दक्षिणा भी प्रदान की गई।

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Monday, 21 October 2019

25 से 27 अक्टूबर - धनतेरस से दीपावली

हर व्यक्ति जीवन में धनवान होना चाहता है। अब धन यदि भौतिक के साथ-साथ आध्यात्मिक भी हो तो कहना ही क्या! 

पूज्य संतश्री आशारामजी बापू द्वारा "धनतेरस से दीपावली" तक बताई गई, भौतिक व आध्यात्मिक खजाने को बढाने वाली साधना यदि आपने नहीं की तो किया क्या?

धनवान होने की तीन दिवसीय सरल साधना जानने के लिये लिंक पर क्लिक करें 👇

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Tuesday, 6 November 2018

7 नवम्बर - शुभ दीपावली - Happy Diwali

7 नवम्बर - शुभ दीपावली


परम पूज्य संतश्री आशारामजी बापू बताते हैं कि दीपावली की रात्रि में किया गया जप-तप, ध्यान-भजन अनंत गुना फलदायक होता है। दीपावली के दिन लक्ष्मीजी क्षीरसागर से प्रकट हुईं थीं अत: दीपावली लक्ष्मीजी का प्राकट्य दिवस भी है। बापूजी लक्ष्मीप्राप्ति हेतु दीपावली से भाईदूज तक तीन दिन की बहुत ही सरल साधना भक्तों को बताते हैं जिससे कि दरिद्रता का विनाश व आजीविका का उचित निर्वाह हो सके।

लक्ष्मीप्राप्ति हेतु साधना:-
दीपावली के दिन से तीन दिन तक अर्थात् भाईदूज तक एक स्वच्छ कमरे में दीपक एवं धूपबत्ती जलाकर (सम्भव हो तो गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती), पीले वस्त्र पहनकर पश्चिम की तरफ मुँह करके बैठें। ललाट पर केसर का तिलक तथा स्फटिक मनकों से बनी माला द्वारा नित्य प्रात:काल निम्न मंत्र की दो मालायेँ जपें:-

"ॐ नमो भाग्यलक्ष्म्यै च विद्महे, 
अष्टलक्ष्म्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात् ॥"

तेल का दीपक व धूपबत्ती लक्ष्मीजी की बायीं ओर घी का दीपक दायीं ओर तथा नैवेध्य आगे रखा जाता है। लक्ष्मीजी को तुलसी व मदार या धतूरे का फूल नहीं चढ़ाना चाहिये इससे हानि होती है। घर में लक्ष्मीजी के वास, दरिद्रता के विनाश और आजीविका के उचित निर्वाह हेतु यह साधना करने वाले पर लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं।

पूज्य बापुजी तथा आश्रमों द्वारा हर साल दीपावली के पावन पर्व पर पिछड़े हुए, गरीब आदिवासी क्षेत्रों में भंडारों का आयोजन किया जाता है। दरिद्र नारायण के बीच दीवाली मनाकर पूज्य बापूजी का हृदय अत्यंत प्रसन्न होता है। आईये देखते हैं कुछ झलकियाँ:-

Monday, 5 November 2018

5 नवम्बर - धनतेरस

परम पूज्य संतश्री आशाराम बापूजी कहते हैं - "धन तीन तरह का होता है - वित्त, लक्ष्मी एवं महालक्ष्मी। महान उद्देश्य अर्थात् परमात्मा प्राप्ति के लिये जिस लक्ष्मी का उपयोग हो तो समझो हमारे घर में वह लक्ष्मी 'महालक्ष्मी' होकर आयीं हैं। यह महालक्ष्मी भगवान नारायण से मिलाने वाली होंगी।"

इस दिन संध्या के समय घर के बाहर हाथ में जगता हुआ दीपक लेकर यमराज देव की प्रसन्नता व अकाल मृत्यु टालने हेतु निम्न मंत्र के साथ दीपदान करना चाहिये :-

"मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यज: प्रीयतामिति।।"


यमराज को दो दीपक दान करने चाहिए व तुलसी के आगे दीपक रखना चाहिये। यह दरिद्रता मिटाने में सहायक होता है।

Wednesday, 25 October 2017

विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर - Vidhyarthi Anusthan Shivir

"तेजस्वी बालक, देश की शान"

संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में 
"विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर"

दिनाँकः 29th अक्टूबर से 5th नवम्बर 2017

पताः सप्तसरोवर, गीता कुटीर के पास, हरिपुरकलां - 249401

सम्पर्कः 09997008832 , 08755531150

Saturday, 21 October 2017

Selfless Service by Sadhaks in Haridwar

हरिद्वार की गरीब व पिछड़ी बस्ती बैरागी कैम्प में संतश्री आशारामजी बापू के साधकों द्वारा, दिवाली के निमित्त फल, मिठाई, खील-बताशे,फुलझडी़, मोमबत्ती, साबुन, किताबें, वस्त्र व दक्षिणा तो बांटे ही गये साथ में सबने मिलकर भगवन्नाम जप भी किया।






Friday, 20 October 2017

Press Release - Versatile Development of the students

Bal Sanskar Sewa द्वारा 19 से 25 अक्टूबर 2017 
"दीपावली विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर" का आयोजन @ 
परम पूज्य संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, अहमदाबाद

Thursday, 19 October 2017

19 October 2017 - Happy Diwali

Spiritual aspects of Diwali:

The lamplight is hot, it may burn but when a Sadguru kindles the light of Knowledge in your heart, it burns not things but sins and illumines your life, brings peace and happiness.

The worldly celebrations of Diwali give us worldly pleasure. Fortunate are the ones who through the medium of worldly Diwali, prepare themselves for the celebration of spiritual Diwali.

दिवाली में करने योग्य:-

दीपावली की रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है |

दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलायें, तो परिवार में तीनों तापों से रक्षा होती |

हर अमावस्या को (और दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं तथा घर में अच्छी आत्माएं जन्म लेती हैं |

नूतन वर्ष के दिन (दीपावली के अगले दिन ), गाय के खुर की मिट्टी से अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी|

दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलायें, तो बहुत शुभ माना जाता है |


Sunday, 15 October 2017

17 अक्टूबर 2017 - धनतेरस ( Dhanteras )

धनतेरस की शाम को घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की और मुख करके यमराज के लिये दो दीपदान करें व निम्न मंत्र बोलें :- 
  • ॐ यमाय नम:
  • ॐ धर्मराजाय नम: 
  • ॐ मृत्यवे नम:
  • ॐ अन्तकाय नम: 
  • ॐ कालाय नम:

शाम को तुलसीजी के आगे दीपक रखें इससे दरिद्रता मिटती है।

Monday, 16 November 2015

Five Powerful Days to Gain Spirituality

Five Powerful Days to Gain Spirituality as stated by P. P. S. S.