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Monday, 10 December 2018

ऋषि प्रसाद_ऋषियों_का_प्रसाद। - Rishi Prasad Campaign

उत्तराखंड में, परम पूज्य संतश्री आशारामजी बापू आश्रम की आध्यात्मिक मासिक पत्रिका, "ऋषि प्रसाद" को घर-घर तक पहुंचाने के अभियान के अन्तर्गत अनेक लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। आश्चर्य तो यह रहा कि शराब की दुकान पर भी लोगों ने स्वयं ही सदस्य बनने का आग्रह किया और मांग कर यह आध्यात्मिक पत्रिका ली।

"Rishi Prasad Campaign" in Uttarakhand. ALCOHOLICS are also taking membership of this Spiritual Magazine.

Thursday, 19 October 2017

19 October 2017 - Happy Diwali

Spiritual aspects of Diwali:

The lamplight is hot, it may burn but when a Sadguru kindles the light of Knowledge in your heart, it burns not things but sins and illumines your life, brings peace and happiness.

The worldly celebrations of Diwali give us worldly pleasure. Fortunate are the ones who through the medium of worldly Diwali, prepare themselves for the celebration of spiritual Diwali.

दिवाली में करने योग्य:-

दीपावली की रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है |

दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलायें, तो परिवार में तीनों तापों से रक्षा होती |

हर अमावस्या को (और दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं तथा घर में अच्छी आत्माएं जन्म लेती हैं |

नूतन वर्ष के दिन (दीपावली के अगले दिन ), गाय के खुर की मिट्टी से अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी|

दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलायें, तो बहुत शुभ माना जाता है |


Tuesday, 4 April 2017

5 अप्रैल - श्रीरामनवमी (Ram Navami)


5 अप्रैल - श्रीरामनवमी


परम पूज्य संत श्रीआशाराम बापूजी सत्संग में बताते हैं कि रामजी को बचपन में दीक्षा मिली, बाद में शिक्षा के लिये गुरुकुल गये। रामजी सदैव सारगर्भित, मधुर व शास्त्रसम्मत बोलते थे। दूसरों को मान देने वाली वाणी बोलते थे और अपनों से छोटों का उत्साह बढ़ाते थे। राजदरबार में कभी वैमनस्य हो जाता तो रामजी किसी एक पक्ष को यह नहीं बोलते कि “तुम गलत हो, यह सही है।“ नहीं, जो सही है उनके पक्ष में रामजी उदाहरण देते, इतिहास बताते, पूर्वजनों की बात सुनाते। जो गलत होते वे अपने-आप उचित बात समझ जाते। 

संसार–ताप से तप्त जीवों को,मर्यादा भूलकर राग-द्वेष और ईर्ष्या की अग्नि में स्वयं को जलाने वाले मानव को, मर्यादा से जीकर शीतलता पाने का संदेश देने वाले अवतार मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामावतार की आप सभी को खूब-खूब बधाई।

भगवान श्रीराम के प्रमुख ग्रन्थ "श्रीरामचरित मानस" में कुछ चौपाइयां ऐसी हैं जिनका विपत्तियों तथा संकट से बचाव और ऋद्धि-सिद्ध के लिए मंत्रोच्चारण के साथ पाठ किया जाता है। इन चौपाइयों को मंत्र की तरह विधि-विधान पूर्वक एक सौ आठ बार हवन की सामग्री से सिद्ध किया जाता है। हवन के लिये चंदन के बुरादे, जौ, चावल, शुद्ध केसर, शुद्ध घी, तिल, शक्कर, अगर, तगर, कपूर, नागर मोथा, पंचमेवा आदि का प्रयोग निष्ठापूर्वक मंत्रोच्चार के साथ करें:-

धन सम्पत्ति की प्राप्ति हेतु-

"जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख सम्पत्ति नानाविधि पावहिं।।"

विद्या प्राप्ति के लिए-

"गुरु ग्रह गए पढ़न रघुराई।
अलपकाल विद्या सब आई।।"

ज्ञान प्राप्ति के लिए-

"छिति जल पावक गगन समीरा।
पंचरचित अति अधम शरीरा।।"

रोगों से बचनें के लिए-

"दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम काज नहिं काहुहिं व्यापा।।" 

Sunday, 19 March 2017

किसमें करें आस्था और किसका करें विवेक?

"किसमें करें आस्था और किसका करें विवेक?"
पूज्य संतश्री आशाराम बापूजी का एक और गहरा सत्संग। 
अवश्य सुनें :-


Sunday, 24 July 2016

The Power of MANTRA & YOGA

When the clay-model child spoke and saluted his GURU.
(Article on Asharam Bapuji Discourses in "Sadelok" - Weekly Newspaper Published from California, U.S. (July 20 - 26th))

Sunday, 1 March 2015