Friday, 22 July 2016
Tuesday, 28 June 2016
Miracle @ AshramHaridwar
आज परम पूज्य संतश्री आशारामजी बापू आश्रम हरिद्वार, में साधकों द्वारा जप करते हुए तोरियाँ (सब्ज़ी) काटते समय उन पर उभरा “ॐ”। ये हैं पूज्य बापूजी द्वारा दिये गये संस्कार कि चाहे भोजन बनाओ चाहे खाओ अर्थात कुछ भी करो परंतु भगवान के नाम का स्मरण सतत होता रहे। इसका प्रभाव जड़ चीज़ों पर भी साफ देखा जा सकता है। अब #बिकाऊमीडिया इस विषय में कुछ कहे या ना कहे पर सच तो सच ही है।
Tuesday, 22 March 2016
परम आराध्या करुणामयी “श्री मैया लक्ष्मी देवीजी” – 23 मार्च अवतरण दिवस
लगभग सभी के मन में महापुरुषों के उपदेशों के साथ-साथ उनके जीवन के विषय में विस्तार से जानने की उत्सुकता भी रहती है। बहुतांश भक्तों ने पूजनीय लक्ष्मी मैयाजी के पावन दर्शनों का लाभ तो प्राप्त किया है किन्तु उनके साधनामय जीवन से वे अनभिज्ञ हैं। प्रस्तुत हैं "श्री मैयाजी" के कठोर साधनामय जीवन के कुछ अंश "ज्ञान की गहराई" नामक पुस्तक से।
Tuesday, 16 February 2016
Media Coverage of Parents Worship Day Celebrations at Ashram Haridwar
Glimpses of Parents Worship Day Celebrations at Ashram Haridwar
Friday, 12 February 2016
Pradhan Times News Coverage - Parents Worship Day - Matri Pitri Pujan Divas
Come let us celebrate #ParentsWorshipDay on 14th February
Love of Parents can't be Measured but TREASURED!!!
Sant Shri Asharamji Bapu Ashram - Haridwar invites you all for Parents Worship Day Celebrations on 14th February 2016.
Sunday, 17 January 2016
Pradhan Times Coverage: मकर संक्रांति से आरम्भ हुआ पवित्र अर्ध कुम्भ
#अर्ध_कुम्भ_हरिद्वार
मकर संक्रान्ति के पवित्र स्नान के साथ ही हरिद्वार में आरंभ हुआ कुम्भ मेला। साथ ही 14 जनवरी से 17 जनवरी तक चलने वाले मकर संक्रान्ति अर्थात उत्तरायण शिविर (सत्संग-सेवा-साधना शिविर) का संत श्रीआशारामजी बापू आश्रम, अहमदाबाद में ले रहे हैं लाखों लोग लाभ।
Saturday, 26 December 2015
Pradhan Times News Coverage: - एक नये युग का आरंभ
प्रधान टाइम्स कवरेज़
एक नये युग का आरंभ – तुलसी पूजन दिवस
#25Dec_तुलसी_पूजन_दिवस की शुरुआत करके Asharam Bapu Ji ने तुलसी के महान लाभों से विश्वमानव को लाभान्वित कराया है।
Friday, 25 December 2015
संत श्री आशाराम जी बापू द्वारा प्रेरित #25Dec_तुलसी_पूजन_दिवस
#25Dec_तुलसी_पूजन_दिवस - संत श्री आशाराम जी बापू आश्रम, हरिद्वार में तुलसी पूजन
वैसे तो हमारे शास्त्र व ग्रन्थ तुलसी की अनन्त महिमा से भरे हुए हैं परन्तु मैकाले की शिक्षा पद्धति के कारण समाज 25 दिसंबर को "क्रिसमस डे" के रूप में मनाने लगा था। २५ दिसंबर को जो लोग "क्रिसमस डे" के रूप में मनाते है उन्हें आज तक "क्रिसमस ट्री" से शायद ही कोई लाभ हुआ हो। तुलसी का पौधा बहुत ही पवित्र व रोगनाशक होता है। तुलसी पूजन से मानसिक शांति तो मिलती ही है वातावरण भी शुद्ध होता है और यह बहुत ही पुण्यदायक भी है। तुलसी कैंसर व डेंगू जैसे रोगों की अचूक औषधि है और यह केवल मानव का कल्याण ही करती है ।
सुख-शांति, समृद्धि व आरोग्य प्रदायिनी तुलसी :-
तुलसी का स्थान भारतीय संस्कृति में पवित्र और महत्त्वपूर्ण है । तुलसी को माता कहा गया है । यह माँ के समान सभी प्रकार से हमारा रक्षण व पोषण करती है । तुलसी पूजन, सेवन व रोपण से आरोग्य-लाभ, आर्थिक लाभ के साथ ही आध्यात्मिक लाभ भी होते हैं। देश में सुख, सौहार्द, स्वास्थ्य, शांति से जन-समाज का जीवन मंगलमय हो इस लोकहितकारी उद्देश्य से प्राणिमात्र के हित चिंतक पूज्य बापूजी की पावन प्रेरणा से २५ दिसम्बर को पूरे देश में ‘तुलसी पूजन दिवस' मनाना प्रारम्भ किया गया। तुलसी पूजन से बुद्धिबल, मनोबल, चारित्र्यबल व आरोग्यबल बढ़ता है । मानसिक अवसाद, आत्महत्या आदि से लोगों की रक्षा होती है और लोगों को भारतीय संस्कृति के इस सूक्ष्म ऋषि-विज्ञान का लाभ मिलता है।
‘स्कंद पुराण के अनुसार ‘जिस घर में तुलसी का बगीचा होता है अथवा प्रतिदिन पूजन होता है उसमें यमदूत प्रवेश नहीं करते । तुलसी की उपस्थितिमात्र से हलके स्पंदनों, नकारात्मक शक्तियों एवं दुष्ट विचारों से रक्षा होती है । गरुड पुराण के अनुसार ‘तुलसी का वृक्ष लगाने, पालन करने, सींचने तथा ध्यान, स्पर्श और गुणगान करने से मनुष्यों के पूर्व जन्मार्जित पाप जलकर विनष्ट हो जाते हैं।'
(गरुड पुराण, धर्म कांड-प्रेतकल्प : ३८.११)
अतः 25 दिसंबर को तुलसी पूजन के रूप में मनाना मानव मात्र के लिये अति उत्तम है ।
Monday, 14 December 2015
Pradhan Times News Coverage:अति हो गई हैं
Let's Spread the Truth World Wide.
Sant Asharamji Bapu is 100% innocent
12-December-2015:
बापूजी मीडिया से बोले- हमारे तो जुल्म सहने के दिन हैं। थोडा और सहेंगे।अति हो गई है! अति हो गई हैं! आमरण उपवास रखने का विचार हो रहा हैं।
























