Showing posts with label Rekha Bahen. Show all posts
Showing posts with label Rekha Bahen. Show all posts

Friday, 14 May 2021

हरिद्वार_महाकुंभ_2021

शाही स्नान - 12 अप्रैल (सोमवती अमावस्या)

प्रमुख स्नान -13 अप्रैल ( चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)

शाही स्नान - 14 अप्रैल (मेष संक्रांति)

साध्वी रेखा दीदी की तीन दिवसीय सत्संग वर्षा व उपरोक्त तिथियों का लाभ लेने हेतु, आप भी सादर आमंत्रित हैं संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में।

Subscribe Our YouTube Channel : http://www.youtube.com/ashramharidwarofficial 

Facebook Page: http://www.facebook.com/AshramHaridwar 

Twitter ID : http://www.twitter.com/AshramHaridwar 

BLOGGER ID: http://ashramharidwar.blogspot.com/ 



Wednesday, 9 October 2019

नवरात्र अष्टमी - 6 अक्टूबर

पूज्य संतश्री आशारामजी बापू की शिष्या साध्वी रेखा दीदी का सत्संग 👇

स्थान : संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, दून आई टी पार्क, पेट्रोल पंप के पास, सहस्त्रधारा रोड़, देहरादून, उत्तराखंड।

समय : सुबह.11.30 बजे से

सम्पर्क : 9317293181, 9997008832


Tuesday, 4 June 2019

Somvati Amavasya - 3 June

"When a person obtains self knowledge by the medium of Bhakti, Yoga & Vedanta, he automatically attains eternal happiness and peace." Pujya Sant Shri Asharam Bapu Ji

सोमवती अमावस्या पर संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में साध्वी रेखा दीदी का सत्संग 👇









Monday, 23 April 2018

Sadhvi Rekha Bahen Satsang @ AshramHaridwar

"मेरा भी जीवन तू सँवारेगा है भरोसा मुझे, गुरु मेरे...दाता मेरे।"

इन पंक्तियों के साथ ही पूज्य संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में रविवारी सप्तमी पर साध्वी रेखा बहन के सत्संग में पूज्य गुरुदेव की याद में डूबे साधक।

But Anti Hindu Media will defame Hindu Saints only.



Tuesday, 2 August 2016

Rekha bahen Satsang at AshramHaridwar

" साथी सगे सब स्वार्थ के, यह स्वार्थ का संसार है।
नि:स्वार्थ सद्गुरु देव हैं, सच्चा वही हितकार है।।
ईश्वर कृपा होवे तभी, सद्गुरु कृपा जब होय है।
सद्गुरु कृपा बिनु ईश भी, नहीं मैल मन का धोय है।।"

 
 

 

“भोले बाबा” की “छंदावली” की उपरोक्त पंक्तियों के साथ ही संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में कल शाम सात बजे से सत्संग आरंभ हुआ। श्रावण मास के सोमवार व मासिक शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस सत्संग में साध्वी रेखा बहन ने बताया कि सेवक का सेवा - धर्म सबसे ऊँचा है। कई शिव मंदिर ऐसे मिल जाएँगे जिनमें माता पार्वती, कार्तिक भगवान या गणेश भगवान विराजमान ना हों जबकि वे शिव परिवार के सदस्य हैं परंतु एक भी शिव मंदिर ऐसा नहीं मिलेगा जिसमें नंदी महाराज विराजमान ना हो। सेवक के बिना स्वामी भी नहीं रह सकते। सत्संग के बाद “रुद्राष्टकम्” व “श्रीशिवपंचाक्षरस्तोत्रम्” का पाठ हुआ। रेखा बहन ने “पंचाक्षर मंत्र (नम: शिवाय)” तथा “मृत्युंजय” मंत्र का जप भी कराया। साधकों ने उत्साहपूर्वक सत्संग में भाग लिया।

Friday, 20 May 2016

Pradhan Times Coverage: बिनु सत्संग विवेक ना होई

बुद्ध पूर्णिमा हो और गंगाजी का किनारा हो तो सत्संग भी होना ही चाहिये ।

पूज्य संत श्रीआशारामजी बापू, बुद्ध पूर्णिमा सदैव हरिद्वार में ही मनाना पसंद करते थे ।

जल्द ही आयेंगे वो दिन......