Showing posts with label Somvati Amavasya. Show all posts
Showing posts with label Somvati Amavasya. Show all posts

Saturday, 18 July 2020

20 जुलाई - सोमवती अमावस्या

कोरोना महामारी के कारण दो दिवसीय पूर्ण लॉकडाउन (18 व 19 जुलाई) के चलते उत्तराखंड में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित। हरिद्वार में गंगा स्नान पर पूरी तरह से प्रतिबंध परन्तु जप, ध्यान, दान, भजन-कीर्तन व मौन तो हम कर ही सकते हैं।


सोमवती अमावस्या को मंत्रजप व शुभ कर्मों का फल लाख गुना होता है और इस दिन दरिद्रता मिटाने के लिए तुलसीजी की 108 प्रदक्षिणा भी की जाती हैं। तो आइये, सभी तक यह संदेश पहुंचायें और हम भी इस अवसर का लाभ उठायें।


Tuesday, 4 June 2019

Somvati Amavasya - 3 June

"When a person obtains self knowledge by the medium of Bhakti, Yoga & Vedanta, he automatically attains eternal happiness and peace." Pujya Sant Shri Asharam Bapu Ji

सोमवती अमावस्या पर संतश्री आशारामजी बापू आश्रम, हरिद्वार में साध्वी रेखा दीदी का सत्संग 👇









Monday, 27 March 2017

Somvati Amavasya


२७ मार्च - सोमवती अमावस्या 

(सुबह 10:44 से 28 मार्च सूर्योदय तक)



इस दिन किया जाने वाला कोई भी शुभ कर्म जैसे जप, दान व मौनपूर्वक गंगास्नान, ध्यान, उपवास आदि अक्षय फलदायी होता है। शास्त्रों में यह अमावस्या दरिद्रता निवारक कही गयी है। तुलसीजी की 108 परिक्रमा व "श्रीहरि.....श्रीहरि......श्रीहरि" का जप करने से धन की कमी दूर होती है। अगर माला से जप कर रहे हैं तो एक मनके पर तीन बार "श्रीहरि" मंत्र का जप करने से जप पूरा माना जाता है ऐसा करके ही माला आगे घुमायेँ - पूज्य बापूजी

Sunday, 3 July 2016

Somvati Amavasya - 4 July 2016

सोमवती अमावस्या पर विशेष मंत्र :-

जिनको धन की कमी है वो तुलसी माता की १०८ प्रदिक्षणा करें और "श्री हरि.... श्री हरि.... श्री हरि”.... का जप करें। ‘श्री’ माने सम्पदा, ‘हरि’ माने भगवान की दया पाना। तो ऐसा करने से गरीबी चली जायेगी। #Asaram Bapu Ji


सोमवती अमावस्या

कल 4 जुलाई 2016 सोमवार को (सूर्योदय से शाम 04:32 तक) सोमवती अमावस्या है। इस दिन किया गया जप - ध्यान लाख गुना फलदायी होता है।  जितना फल दीवाली, जन्माष्टमी, होली और शिवरात्रि के दिनों में जप - ध्यान करने से होता है उतना ही फल सोमवती अमावस्या के दिन भी होता है | सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान - दान का बड़ा महत्त्व है। इस दिन मौन रहकर गंगा स्नान करने से हजार गौदान का फल मिलता है।

सोमवती अमावस्या के दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन तथा उनकी 108 प्रदक्षिणा करने का भी विधान है। 108 में से 8 प्रदक्षिणा पीपल के वृक्ष को कच्चा सूत लपेटते हुए की जाती है। प्रदक्षिणा करते समय 108 फल पृथक रखे जाते हैं। बाद में वे भगवान का भजन करने वाले ब्राह्मणों या ब्राह्मणियों में वितरित कर दिये जाते हैं। ऐसा करने से संतान चिरंजीवी होती है। इस दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।

Thursday, 15 October 2015

Pradhan Times Coverage: Significance of Somvati Amavasya

Pradhan Times Coverage: पितृ अमावस्या बनी सोमवती अमावस्या  - विशेष महत्व
 
 

Saturday, 30 August 2014

तुलसी पूजन व पवित्र गंगा मैया में स्नान - सोमवती अमावस्या

तुलसी पूजन व पवित्र गंगा मैया में स्नान कर मनाई सोमवती अमावस्या बापूजी के साधकों ने